छोटी दया, बड़ा असर
पहले कृष्ण के आश्रय की कहानी पढ़ें, फिर मित्र के उपहार पर सोचें और अंत में प्रेमभरी भेंट जानें। हर कहानी में दया का रूप अलग है।
एक बार में एक पाठ पढ़ें। वीडियो, बातचीत और गतिविधियों के लिए अलग से समय रखें।
पहले पाठ से शुरू करेंआपकी पाठ-यात्रा
नीचे दिए क्रम में या अपनी पसंद से पढ़ें।

नन्हे हाथ ने थामा पहाड़
बारिश रुक नहीं रही। लोगों और पशुओं को आश्रय चाहिए। कृष्ण एक अनोखी छतरी चुनते हैं।
साथ सोचें: पर्वत के नीचे किस-किस को जगह चाहिए थी? पशुओं को साथ रखना क्यों ज़रूरी था?

कृष्ण और सुदामा का छोटा उपहार
चिवड़े की छोटी पोटली लेकर सुदामा महल पहुँचे। क्या पुराने मित्र के पास आज भी उनके लिए जगह होगी?
साथ सोचें: चमत्कार होने से पहले ही कृष्ण सुदामा को क्या दे चुके थे?

मीठे बोलों से शुरू हुई मित्रता
सरोवर के पास दो अनजान यात्री आते हैं। हनुमान उनका परिचय जानने जाते हैं और सोचकर बोले गए शब्द मित्रता का मार्ग खोलते हैं।
साथ सोचें: हनुमान ने अपना परिचय और आने का कारण बताया तो क्या बदला?